Monday, November 24, 2014

ज़िंदगी में ...  आप
ज़िंदगी का बहाना ... आप
ज़िंदगी का सहारा ... आप
ज़िंदगी की वज्ह ... आप
ज़िंदगी का मक़सद ... आप
…   …   .... 
हर घड़ी , हर पल  . . .
मेरे साथ बने रहने के लिए
धन्यवाद  ...
हे ईश्वर  !
आपका  ढेरों ढेरों धन्यवाद   !!!

3 comments:

इस्मत ज़ैदी said...

बहुत ख़ूब !
शुक्रगुज़ारी का बेहतरीन अंदाज़ !

इस्मत ज़ैदी said...
This comment has been removed by the author.
Digamber Naswa said...

इश्वर का साथ रहे तो और क्या चाहिए ...
बहुत खूब ...